मन के दरवाजे खोल जो बोलना है बोल

मेरे पास आओ मेरे दोस्तों, एक किस्सा सुनाऊं...

55 Posts

3328 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 2077 postid : 65

सानिया का निकाह और कईयों की आह

Posted On: 10 Jun, 2010 Others,मस्ती मालगाड़ी में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

sania marriage1इस साल दो लोगों ने मेरा जीना मुहाल कर रखा था। शोएब और सानिया। टीवी पर देखो तो शोएब-सानिया, अखबारों में शोएब-सानिया, इंटरनेट पर शोएब सानिया और यहां तक कि एसएमएस में भी इन्हीं के चर्चे थे। वो तो शुक्र है इनकी शादी हो गई नहीं तो इनके चक्कर में मुझे अज्ञातवास पर जाना पड़ता। खैर, उस समय आखिर में मैंने तंग आकर टीवी, मोबाइल बंद कर खुद को कमरे में बंद कर लिया और एकांत तलाशने लगा। किसी तरह मैं इन दोनों से बच तो गया लेकिन १२ अप्रैल को सानिया के निकाह दिन मैंने टीवी चालू कर ही दिया, सोचा कि चलो सानिया भारत से विदा हो रही है, तो उसे आखिरी बार देख ही लेता हूं। अभी मैं सानिया को दुल्हन के चमकदार लिबास में निहार ही रहा था कि तभी फोन घनघनाया। दूसरी तरफ से आवाज आई बेटा जल्दी घर आओ,  सानिया के निकाह से दुखी बंटी ने आग लगा ली है। मुझे धक्का सा लगा। मुझे यह तो पता था कि सानिया के निकाह के दिन सैंकड़ों दिल टूटेंगे लेकिन इसकी शुरूआत मेरा ही दोस्त बंटी से होगी इसका अंदाजा नहीं था, शायद था भी। बंटी इसके बारे में तो बताया ही नहीं,  बंटी मेरा दोस्त और सानिया मिर्जा का धुर प्रशंसक या फैन या फिर कहें कि ए.सी. है। उसके कमरे में सानिया के पोस्टर्स हैं, किताब-कापियों में सानिया है, कपड़ों में भी सानिया है और दिल में भी। कुल मिलाकर ये पूरा सानियामय हो चुका था। जिस दिन सानिया पहली बार टेनिस खेलती हुई टीवी पर नजर आई, बस मानो उस दिन से बंटी की शामत आई। क्रिकेट का उभरता हुआ खिलाड़ी कब टेनिस की तरफ परावर्तित हो गया, कब मोटे बल्ले की जगह जालीदार रैकेट ने ले ली पता ही नहीं चला। बंटी टेनिस के बारे में कुछ नहीं जानता था। न तो उसे फोरहैंड पता था न बैकहैंड और न ही सर्व अब उसके लिए तो सानिया ही सर्वेसर्वा थी।

banti tennis

अपने परममित्र का ऐसा हाल देखकर दुख तो होता लेकिन साथ ही सानिया को धन्यवाद देने की इच्छा भी होती है कि कम से कम क्रिकेट के पीछे पागल इस देश में कोई दूसरा खेल तो लोकप्रिय हुआ। मगर इसमें बंटी जैसे लोगों को भी श्रेय देना चाहिए जिन्होंने दिन-रात टीवी पर टेनिस देखकर डूबते स्पोर्ट्स चैनलों की टीआरपी बढ़ाई है और सूने टेनिस कोर्टों को हरा-भरा किया है।

banti tennis 1

सुबह १० बजे तक बिना लात खाए नहीं उठने वाला बंटी अब सुबह-सुबह उठकर टेनिस कोर्ट जाने लगा, शायद इस उम्मीद से कि टेनिस प्लेयर बन जाऊं तो सानिया के साथ युगल जोड़ी तो जमा ही लूंगा। ये जोड़ी तो नहीं जम पाई लेकिन पढ़ाई के साथ बंटी की जोड़ी जरूर टूट गई। दो बार १२वीं में बंटी फेल हो गया। फिर भी उसका दीवानापन कम नहीं हुआ। जब सोहराब-सानिया की सगाई हुई तब तो मानो वो टूट ही गया था, हमने सोचा चलो अब तो इस कमबख्त की अक्ल ठिकाने पर आएगी लेकिन जैसी ही सानिया की सगाई टूटी उसके चेहरे पर मुस्कान छा गई, जैसे कोई बल्लेबाज आउट हो जाए लेकिन अम्पायर उसे नॉट आउट करार देकर उसे खेलने का एक और मौका दे दे। बस ऐसा ही मौका मानो बंटी को मिल गया था, सोचने लगा बॉस इस बार तो सानिया को पटा ही लूंगा। अभी वो हसीन ख्वाब बुन ही रहा था कि पता नहीं कहां से शोएब मियां सानिया के जिंदगी में आ टपके। बंटी दुखी था बहुत दुखी साथ ही सोहराब मिर्जा से हमदर्दी भी थी, वही सोहराब जिसे पहले ये महाशय गालियां दिया करते थे।

खैर जब मैं बंटी के घर पहुंचा तो देखा कि बंटी के कमरे से धुआं निकल रहा था,  मैं डर गया कहीं बंटी ने खुद को आग तो नहीं लगा ली लेकिन जब देखा तो वह तो सानिया के पोस्टर्स को आग लगा रहा था तब जाकर मेरी जान में जान आई। चलो कमबख्त अकल के मारे को बुद्धि तो आई। मैने भी गुस्सा उतारते हुए एक-दो पोस्टर जला दिए। मेरा दो्स्त तो बच गया पता नहीं बाकी बंटियों का क्या हाल होगा। जब सानिया की शादी हुई होगी तो बंटी जैसे कईयों की आह निकली होगी।
crying banti
मैं खुश था कि बंटी सानियामेनिया से बाहर आ चुका था। अगले दिन जब मैं उसके घर गया तो देखा कि दीवारों पर बैडमिंटन सेनसेशन और आजकल सुर्खियों में छाई सायना नेहवाल के पोस्टर्स लगे हैं, टीशर्ट भी सायना वाली और महाशय टीवी पर बैडमिंटन देख रहे हैं। मैं समझ गया कि ये सानियामेनिया से निकलकर सायनामेनिया की गिरफ्त में आ चुका है। मैं अपने अंदर की खुशी समेटकर मायूस सा बाहर आया और अब इंतजार कर रहा हूं अपने दोस्त के दिल के फिर से टूटने का क्योंकि सानिया की तरह इसे सायना भी नहीं मिलना वाली।

broken heart

| NEXT



Tags:             

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 4.50 out of 5)
Loading ... Loading ...

4 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

aditi kailash के द्वारा
June 11, 2010

अच्छा प्रयास ……..लेकिन इनकी भी अपनी जिंदगी होती है…….इन्हें तो जीने दो……..

    sumityadav के द्वारा
    June 11, 2010

    धन्यवाद अदिती जी, हां इनकी अपनी जिंदगी है और वे दोनों खुश हैं। वैसे इन बेचारों का जीना मुहाल तो मीडिया ने कर रखा है। मीडिया को भी सेलीब्रिटियों की निजी जिंदगी में जरूरत से ज्यादा दखल देने से बाज आना चाहिए क्योंकि वे भी नवविवाहित जोड़े हैं और शांति और सुकून चाहते हैं। पर ये मीडिया वाले जहां कहीं भी पहुंच जाते हैं कैमरा लेकर।

मनोज के द्वारा
June 11, 2010

बहुत बढिया व्यग्य है . लेकिन भाई सानिया की शादी तो हो चुकी और वह खुश भी बहुत है.

    sumityadav के द्वारा
    June 11, 2010

    सानिया की शादी तो हो गई वह खुश है लेकिन बंटी जैसे पागल-दीवानों का क्या करें जो कभी सानिया, कभी सायना, कभी तानिया के पीछे पागल हैं। 


topic of the week



latest from jagran